Ganesh Puja Vidhi

गणेश चतुर्थी पूजा विधि

भगवान गणेश की गणेश-चतुर्थी के दिन सोलह उपचारों से वैदिक मन्त्रों के जापों के साथ पूजा की जाती है। भगवान की सोलह उपचारों से की जाने वाली पूजा को षोडशोपचार पूजा कहते हैं। गणेश-चतुर्थी की पूजा को विनायक-चतुर्थी पूजा के नाम से भी जाना जाता है।

Longest Chandra Grahan of 21st century on 27th July’18

इस चंद्रग्रहण के सूतक 27 जुलाई 2018 को दोपहर 2 बजकर 54 मिनट पर प्रारम्भ हो जायेंगे|

ग्रहण स्पर्शकाल (आरम्भ) रात्रि 11 बजकर 54 मिनट पर प्रारम्भ होगा|

पूर्णचंद्र ग्रहण दर्शन रात्रि 1 बजे होगा|

खग्रास का अंतिम पूर्ण चरण रात्रि 2 बजकर 43 मिनट पर होगा |

ग्रहण मोक्ष रात्रि 3 बजकर 49 मिनट पर होगा|

Importance of Kanak-Dhara Stotra

माता लक्ष्मी धन सम्पदा और सम्पन्नता की देवी होती हैं | कनकधारा स्तोत्र माता लक्ष्मी की बड़ी सुन्दर हृदयस्पर्शी स्तुति है|

एक प्रसंग के अनुसार भगवान शंकराचार्य जी ने एक वृद्ध महिला की दरिद्रता दूर करने के लिए इसी शक्तिशाली स्तोत्र के पाठ प्रभाव से स्वर्ण वर्षा कराई थी| श्रद्धा विश्वास पूर्वक किये गए इस स्तोत्र के पाठ प्रभाव से कार्य व्यापर में बरकत होती है, साधक का विवेक आर्थिक उन्नति के विचारों को ग्रहण करके समृद्धि के मार्ग को प्राप्त करता है और जल्द ही आर्थिक हानि या ऋण से उबरने लगता है| अत्यंत परिश्रम के बाद भी अगर घर से दरिद्रता और आर्थिक अवनति दूर न हो रही हो तो कनकधारा का मासिक पाठ श्रद्धापूर्वक शुक्रवार की शाम से प्रारम्भ करना चाहिए|

ऐसा अनुभूत किया गया है ग्रहणकाल में इस स्तोत्र को सिद्ध कर नित्य पाठ करने से पीढ़ी दर पीढ़ी से चली आ रही दरिद्रता तक नष्ट हो जाती है|

What is the significance of Bell in a Temple?

दरअसल मान्यता है कि पूजा पाठ या मंदिर में प्रवेश के दौरान घंटी बजाने से पूजा परिवेश में दैवीय चेतना का प्रसार होता है और घंटी से उत्पन्न नाद की तरंगें पूजा स्थल की नकारात्मक ऊर्जा का नाश करती है। हालांकि इसके पिछे वैज्ञानिक कारण भी है, जिसकी चर्चा आज हम करने जा रहे हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार कहा जाता है कि जब घंटी बजाई जाती है तो वातावरण में विशेष प्रकार का कंपन होता है, यह कंपन वायुमंडल के कारण काफी दूर तक जाता है, जिसका फायदा यह है कि इसके क्षेत्र में आने वाले सभी जीवाणु, विषाणु और सूक्ष्म जीव आदि नष्ट हो जाते हैं, जिससे आसपास का वातावरण शुद्ध हो जाता है। यही कारण है कि लोग अपने घरों के दरवाजों और खिड़कियों पर भी विंड चाइम्स का प्रयोग करते हैं,

What to remember in our day to day puja at home?

हम सब घर के मंदिर में पूजा करते हैं लेकिन कुछ ऐसी बाते होती हैं जिनका हमें ज्ञान नहीं होता और कई बार अंजाने में हम गलती कर बैठते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे पूजा के नियम बताएँगे जिनका आपको हर रोज की पूजा मै ध्यान रखना है.

    • पूजा में टूटे हुए चावल यानि की खंडित चावल नहीं चढ़ाने चाहिए ऐसा करना अशुभ माना जाता है.
    • घर के मंदिर में अगर कोई टूटी हुई या खंडित मूर्ति है तो उसको तुरंत घर के मंदिर से बाहर कर दें और किसी बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें या फिर पीपल के पेड़ के नीचे रख दें.

How to ensure Maa Lakshmi remains in our home?

हमें माता लक्ष्मी का अपने घर में निवास कराना है तो अपना घर साफ़ रखना है वरना हम कितना भी पूजा पाठ कर ले माता लक्ष्मी हमारे घर पे नहीं आएँगी.

दूसरी बात रोज सुबह पहले उठने के बाद आपको माता लक्ष्मी का आवाहन करना चाहिए- मुख्यद्वार पर जो भी बड़ी महिला या कोइ मनुष्य सुबह घर पे झाड़ू लगाए वो थोड़ा सा हल्दी का पानी छिड़के और यदि हल्दी पानी नहीं है तो एक लोटा जल आपने मुख्यद्वार पर डाल दे.

शुक्रवार को हमें एक छोटा सा उपाय करना है ताकि माता लक्ष्मी प्रसंन हो करके हमारे घर पर...

How are different zodiac sign getting impacted this Ganesh Chaturthi?

गणेश चतुर्थी पर 58 साल बाद बना है ऐसा संयोग इन 5 राशियों वालो की खुलेगी किस्मत

1. मिथुन:

सबसे पहले हम मिथुन राशि वालों की बात करते है इस राशि वाली को ढेर सारा पैसा कमाने के अवसर मिल सकते है.

Why to perform havan/homam?

आज से लाखों वर्ष पूर्व वैदिक युग में ही हमारे ऋषि मुनियो नें हवन और यज्ञ की आलौकिक महत्ता को जान लिया था और इसकी महिमा को संहिताबद्ध करके भविष्य की भलाई के लिए सुरक्षित रखा |

वेद शास्त्रों ने यज्ञ को साक्षात भगवान के रूप में परिभाषित किया है, जो की पूर्ण वैज्ञानिक और समस्त मनोकामनाओ को पूर्ण करने वाला है |

यज्ञ द्वारा मानव अपने साथ- साथ समस्त प्रकृति का कल्याण करता है|